
Al-Falah University: शिक्षा से विवाद तक — एक विस्तृत रिपोर्ट
फरीदाबाद | नवंबर 2025
हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी (Al-Falah University) — जो अब तक अल्पसंख्यक और वंचित समुदायों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए जानी जाती थी — पिछले कुछ दिनों से दिल्ली रेड फोर्ट धमाके (10 नवंबर 2025) से जुड़े कथित आतंकी मॉड्यूल में नाम आने के कारण राष्ट्रीय चर्चा में है।
आइए जानते हैं इस विश्वविद्यालय की पृष्ठभूमि, अकादमिक पहचान और हालिया विवादों का पूरा विश्लेषण।
🏛️ स्थापना और इतिहास
- स्थापना:
अल-फलाह यूनिवर्सिटी की शुरुआत वर्ष 1997 में अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा धौज गाँव (फरीदाबाद) में “अल-फलाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी” के रूप में हुई।
वर्ष 2014 में हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज (संशोधन) अधिनियम के तहत इसे पूर्ण विश्वविद्यालय का दर्जा मिला। - मान्यता:
मई 2014 में विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद, यूजीसी (UGC) ने इसे 2015 में धारा 2(f) और 12(B) के अंतर्गत मान्यता प्रदान की।
यह एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) की सदस्य भी है। - कैम्पस:
लगभग 70 एकड़ में फैला परिसर अरावली की पहाड़ियों की तलहटी में स्थित है। इसमें हॉस्टल, ब्लड बैंक, और 800 बेड का सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल (अल-फलाह हॉस्पिटल) शामिल है।
यह संस्थान मुख्यतः मेवात क्षेत्र और अल्पसंख्यक समुदायों के विद्यार्थियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था।
👨💼 प्रशासनिक नेतृत्व
| पद | नाम | विवरण |
|---|---|---|
| चांसलर | जवाहर अहमद सिद्दीकी | विश्वविद्यालय के संस्थापक ट्रस्ट के प्रमुख |
| कुलपति (VC) | डॉ. भूपिंदर कौर आनंद | हालिया विवादों पर आधिकारिक बयान जारी किया |
| उपाध्यक्ष | मुफ़्ती अब्दुल्ला क़ासमी | ट्रस्ट के प्रमुख सहयोगी |
| सचिव | मोहम्मद वाजिद | प्रशासनिक ज़िम्मेदारियाँ संभालते हैं |
| रजिस्ट्रार | प्रो. (डॉ.) मोहम्मद परवेज़ | अकादमिक संचालन की निगरानी |
🎓 अकादमिक ढांचा और पाठ्यक्रम
अल-फलाह यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग, मेडिकल, एजुकेशन, मैनेजमेंट और लॉ सहित अनेक विषयों में स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और शोध (PhD) कार्यक्रम चलाती है।
| संकाय / कॉलेज | प्रमुख कोर्स | पात्रता |
|---|---|---|
| इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी स्कूल | B.Tech (CSE, ECE), M.Tech, PhD | PCM में 50% अंक (आरक्षित वर्ग के लिए 40%) |
| मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च सेंटर | MBBS, MD/MS, PhD | NEET क्वालिफाइड; PCB में 50% अंक |
| एजुकेशन एंड ट्रेनिंग स्कूल | B.Ed, M.Ed, PhD | स्नातक में 50% अंक |
| मैनेजमेंट और लॉ | BBA, MBA, BA LLB | मेरिट/एंट्रेंस आधारित प्रवेश |
विश्वविद्यालय का इंजीनियरिंग विभाग NAAC A-ग्रेड से मान्यता प्राप्त है।
MBBS कोर्स की फीस लगभग ₹10-12 लाख प्रति वर्ष है।
🧨 हालिया विवाद: दिल्ली रेड फोर्ट धमाका कनेक्शन
अक्टूबर-नवंबर 2025 में, दिल्ली रेड फोर्ट कार विस्फोट मामले की जांच के दौरान अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम सामने आने से यह संस्था सुर्खियों में आ गई।
🕵️♂️ मुख्य घटनाक्रम
- छापेमारी:
10–11 नवंबर को हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में धौज गाँव के आसपास किराए के मकानों से करीब 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री, 360 किलो RDX, AK सीरीज़ राइफलें, गोला-बारूद, और टाइमर उपकरण बरामद किए गए।
इन मकानों का संबंध विश्वविद्यालय के कुछ डॉक्टरों और कर्मचारियों से जोड़ा गया। - गिरफ्तार आरोपी:
- डॉ. मुझम्मिल शकील (गनई) — कश्मीर मूल के, मुख्य संदिग्ध।
- डॉ. शाहीन शाहिद — लखनऊ निवासी।
- डॉ. उमर-उन-नबी — कथित तौर पर रेड फोर्ट कार के चालक; धमाके में मारे गए।
- आतंकी नेटवर्क:
जांच एजेंसियों ने इसे “व्हाइट-कॉलर टेरर नेटवर्क” बताया है, जिसमें शिक्षित पेशेवर और छात्र शामिल थे।
इनके संबंध जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) जैसे संगठनों से बताए गए हैं।
फंडिंग और निर्देशन पाकिस्तान और तुर्की से होने की आशंका है।
जांचकर्ताओं का मानना है कि ये लोग 6 दिसंबर (बाबरी वर्षगांठ) या 26 जनवरी के आसपास हमलों की योजना बना रहे थे।
🏛️ विश्वविद्यालय की आधिकारिक प्रतिक्रिया
- कुलपति डॉ. भूपिंदर कौर आनंद ने 12 नवंबर 2025 को एक बयान जारी करते हुए कहा —
“विश्वविद्यालय का किसी भी व्यक्ति की आपराधिक गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं है।
ये लोग सिर्फ अपने पेशेवर पद पर कार्यरत थे।
मीडिया में चल रही भ्रामक खबरें निराधार और अपमानजनक हैं।”
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और संस्था “शांति और शिक्षा के मूल्यों” पर दृढ़ है।
💻 अन्य घटनाएँ
- 11 नवंबर को विश्वविद्यालय की वेबसाइट ‘इंडियन साइबर अलायंस’ नामक समूह द्वारा हैक कर दी गई, जिन्होंने कथित “देशद्रोही गतिविधियों” के विरोध में यह कदम उठाया।
- अब तक कैंपस में किसी प्रतिबंधित संगठन की गतिविधि का सीधा सबूत नहीं मिला है।
🧭 वर्तमान स्थिति
मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है।
फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
विश्वविद्यालय फिलहाल अपना शैक्षणिक सत्र जारी रखे हुए है और छात्रों को “कानून पर भरोसा रखने” की अपील की गई है।

