शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसा, यूनुस सरकार पर आरोप

शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसा, यूनुस सरकार पर आरोप

बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद व्यापक हिंसा, भाई ने अंतरिम सरकार प्रमुख मुहम्मद यूनुस पर हत्या का आरोप लगाया

ढाका, 24 दिसंबर 2025

बांग्लादेश में 2024 के छात्र आंदोलन से उभरे प्रमुख छात्र नेता और इंकिलाब मंचो के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देश के कई हिस्सों में व्यापक हिंसा और राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिल रही है। हादी की मौत के बाद राजधानी ढाका समेत चटगांव, राजशाही और खुलना में प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं।

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हादी के भाई उमर हादी ने सार्वजनिक रूप से अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह हत्या “सरकार के भीतर से करवाई गई साजिश” थी।

शाहबाग रैली में सीधा आरोप

ढाका के शाहबाग इलाके में आयोजित एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए उमर हादी ने कहा,

“तुम्हीं ने उस्मान हादी को मरवाया है। अब उनकी हत्या का इस्तेमाल चुनाव प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए किया जा रहा है।”

 

इस बयान के बाद रैली उग्र हो गई और हालात तेजी से हिंसक टकराव में बदल गए।


हत्या की घटना: क्या हुआ था|

  • 12 दिसंबर 2025 को ढाका के बिजॉयनगर इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान मोटरसाइकिल सवार नकाबपोश हमलावरों ने हादी पर गोलीबारी की।
  • गोली उनके सिर में लगी, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में ढाका के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
  • हालत बिगड़ने पर उन्हें सिंगापुर रेफर किया गया।
  • 18 दिसंबर 2025 को सिंगापुर के अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

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पुलिस के अनुसार, मुख्य संदिग्ध फैसल करीम मसूद और उसके सहयोगी फिलहाल फरार हैं। जांच के दौरान हत्या से जुड़े करीब 127 करोड़ टका के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का भी खुलासा हुआ है। कई लोगों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी की पुष्टि की गई है।


राजनीतिक पृष्ठभूमि और हादी की भूमिका

32 वर्षीय शरीफ उस्मान हादी फरवरी 2026 के संसदीय चुनाव में ढाका-8 सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में प्रचार कर रहे थे। वे भारत के मुखर आलोचक माने जाते थे और 2024 के छात्र आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभा चुके थे।
इसी आंदोलन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की 15 वर्षों पुरानी सरकार सत्ता से बाहर हुई और यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी।

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हिंसा और आगजनी की घटनाएं

हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा में कई गंभीर घटनाएं सामने आईं—

  • ढाका में प्रमुख अखबारोंProthom Alo और The Daily Star — के कार्यालयों पर हमला और आगजनी
  • कई स्थानों पर सड़कें जाम, बसों और वाहनों में तोड़फोड़
  • अवामी लीग से जुड़े दफ्तरों और नेताओं के घरों पर हमले
  • भारत-विरोधी नारेबाजी और भारतीय दूतावास के बाहर प्रदर्शन
  • कुछ क्षेत्रों में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले और एक हिंदू युवक की लिंचिंग की अलग-अलग घटनाएं, जिससे सांप्रदायिक तनाव और बढ़ा

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि आरोपी हमलावर भारत भाग गए हैं, और उन्होंने भारत से प्रत्यर्पण की मांग की है।


यूनुस सरकार का रुख

मुहम्मद यूनुस ने हादी की मौत कोराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि यह लोकतांत्रिक संक्रमण को अस्थिर करने की साजिश हो सकती है। सरकार ने—

  • राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया
  • सरकारी इमारतों पर झंडे आधे झुके रखने के आदेश दिए
  • मस्जिदों में विशेष प्रार्थनाएं कराने के निर्देश दिए

यूनुस ने भरोसा दिलाया कि हत्यारों को जल्द सजा दिलाई जाएगी और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सरकार ने जांच में भारत से सहयोग भी मांगा है।


अन्य राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं

  • शेख हसीना ने यूनुस सरकार पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल होने का आरोप लगाया।
  • बीएनपी नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने हिंसा को चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने की साजिश बताया।
  • संयुक्त राष्ट्र ने घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

आगे की चुनौती

फरवरी 2026 के चुनाव से पहले हादी की हत्या और उसके बाद भड़की हिंसा ने बांग्लादेश के नाजुक लोकतांत्रिक संक्रमण काल को और अस्थिर कर दिया है।
इंकिलाब मंचो ने सरकार को 30 दिन का अल्टीमेटम दिया है कि हत्यारों को गिरफ्तार किया जाए, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो देश में राजनीतिक अस्थिरता और सांप्रदायिक तनाव और गहरा सकता है।

Sharif Usman Hadi

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