
बरेली में दहेज की मांग पर दुल्हन ज्योति ने रोकी शादी, ब्रेजा कार और 20 लाख की शर्त से बारात लौटी
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बरेली में दहेज की मांग पर दुल्हन ज्योति ने रोकी शादी, ब्रेजा कार और 20 लाख की शर्त से बारात लौटी
बरेली, 13 दिसंबर 2025:
उत्तर प्रदेश के बरेली में दहेज प्रथा के खिलाफ एक सशक्त और साहसिक उदाहरण सामने आया है। कैंट थाना क्षेत्र स्थित युगवीणा गेस्ट हाउस में आयोजित विवाह समारोह उस समय अचानक रुक गया, जब फेरों से ठीक पहले दूल्हा पक्ष ने दहेज में ब्रेजा कार और 20 लाख रुपये नकद की अतिरिक्त मांग रख दी। इस मांग को अस्वीकार्य बताते हुए दुल्हन ज्योति ने शादी से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद बारात को बिना दुल्हन के वापस लौटना पड़ा।
शादी की रस्मों के बीच उठा विवाद
जानकारी के अनुसार, बारात धूमधाम से पहुंची थी और जयमाला सहित कई रस्में पूरी हो चुकी थीं। दुल्हन पक्ष की ओर से पहले ही एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, अन्य घरेलू सामान, गहने और करीब 1.20 लाख रुपये नकद दिए जा चुके थे। आरोप है कि इसके बावजूद, सात फेरों से पहले दूल्हा ऋषभ और उसके परिजनों ने अचानक अतिरिक्त दहेज की शर्त रख दी और साफ कहा कि मांग पूरी न होने पर शादी नहीं होगी।
दुल्हन ज्योति का स्पष्ट और साहसी फैसला
इस पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। दुल्हन ज्योति ने भावुक होते हुए लेकिन दृढ़ स्वर में कहा कि वह ऐसे व्यक्ति से विवाह नहीं कर सकती जो दहेज के लिए उसके परिवार का अपमान कर रहा हो। ज्योति ने बताया कि रिश्ता तय करते समय दूल्हा पक्ष ने कहा था कि उन्हें दहेज नहीं चाहिए और लड़की को केवल एक जोड़ी कपड़ों में विदा कर दिया जाए। लेकिन शादी के समय अचानक इतनी बड़ी मांग रखना उनके लिए अस्वीकार्य है।
Statement of the bride regarding the alleged last-minute dowry demands by the groom’s family. pic.twitter.com/wwKdtYtZvI
— Lakshay Mehta (@lakshaymehta08) December 13, 2025
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति आज दहेज के लिए दबाव बना रहा है, वह भविष्य में सम्मान और सुरक्षा नहीं दे सकता। इसके बाद उन्होंने विवाह से इंकार करते हुए बारात को वापस लौटने को कहा।
पुलिस की कार्रवाई और प्रशासनिक स्थिति
हंगामे की सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए दूल्हे ऋषभ और उसके बहनोई को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तत्काल हस्तक्षेप इसलिए जरूरी था ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
फिलहाल दुल्हन पक्ष की ओर से लिखित तहरीर दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस का कहना है कि यदि शिकायत मिलती है, तो दहेज उत्पीड़न और अवैध मांग से जुड़े मामलों में दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कानून क्या कहता है
भारतीय कानून के तहत दहेज मांगना या देना अपराध है।
दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के अनुसार:
- दहेज मांगने पर 5 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है
- शादी से पहले, दौरान या बाद में की गई दहेज मांग भी अपराध की श्रेणी में आती है
- महिला को दहेज के कारण मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना देने पर अन्य आपराधिक धाराएं भी लागू होती हैं
शादी रुकने के बाद का हाल
शादी रद्द होने के बाद गेस्ट हाउस में सन्नाटा पसर गया। दहेज के रूप में लाया गया सामान रात भर वहीं पड़ा रहा और सुबह तक कोई रस्म नहीं हुई। अंततः बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई।
सामाजिक प्रतिक्रिया और संदेश
यह घटना अब केवल एक स्थानीय विवाद नहीं रही। सोशल मीडिया पर दुल्हन ज्योति के फैसले की व्यापक सराहना हो रही है। लोग इसे आत्मसम्मान, साहस और महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बता रहे हैं।
सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामले दहेज प्रथा के खिलाफ बढ़ती जागरूकता को दर्शाते हैं। उनका कहना है कि जब परिवार और महिलाएं अंतिम समय पर भी गलत मांगों के सामने झुकने से इनकार करती हैं, तो यह समाज में सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त करता है।
निष्कर्ष
बरेली की यह घटना साफ संदेश देती है कि दहेज न केवल अवैध है, बल्कि अब समाज के एक बड़े वर्ग द्वारा अस्वीकार्य भी माना जा रहा है। दुल्हन ज्योति का निर्णय यह दर्शाता है कि विवाह से अधिक महत्वपूर्ण सम्मान, समानता और स्वाभिमान हैं। यदि ऐसे मामलों में कानून का सही उपयोग और सामाजिक समर्थन मिलता रहा, तो दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई और मजबूत होगी।

