
Delhi कोर्ट में बवाल: CJI पर जूता फेंकने वाले निलंबित वकील राकेश किशोर पर चप्पलों से हमला
Delhi कर्कर्डूमा कोर्ट में हमला: दो महीने पहले CJI गवई पर जूता फेंकने वाले वकील राकेश किशोर पर चप्पलों से हमला
नई दिल्ली, 9 दिसंबर 2025 — दिल्ली के कर्कर्डूमा कोर्ट में मंगलवार को हैरान करने वाली घटना हुई। 72 साल के वकील राकेश किशोर, जिन्हें कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट में तत्कालीन CJI बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश के बाद सस्पेंड कर दिया गया था, पर कोर्ट परिसर में ही कुछ वकीलों ने चप्पलों से हमला कर दिया।
हिंसा का जवाब हिंसा नहीं हो सकता है!
इनको पहचानिए! ये वही राकेश किशोर हैं जिन्होंने
पूर्व CJI जस्टिस गवई पर जूता फेंका था। ये तस्वीर
दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर की है। pic.twitter.com/XDFECWZK1p— Prabhakar Kumar Mishra (@PMishra_Journo) December 9, 2025
यह घटना वीडियो में कैद हो गई और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
कैसे हुआ हमला
वीडियो और चश्मदीदों के मुताबिक, एक 35–40 साल का युवक अचानक किशोर पर टूट पड़ा और चप्पलों से बार-बार मारने लगा। इस बीच किशोर चिल्लाते नजर आए—
“कौन है तू? सनातन धर्म की जय हो!”
उनके साथ मौजूद एक महिला लगातार हमलावर से रुकने की गुहार लगाती रही। बाद में कोर्ट सुरक्षा कर्मियों ने बीच-बचाव कर किशोर को बाहर निकाला।
किशोर का बयान
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए वकील राकेश किशोर ने बताया:
“एक 35-40 साल का वकील मुझ पर और मेरे साथ आई महिला पर चप्पल से हमला करने लगा।”
उन्होंने दावा किया कि हमलावर ने साफ कहा कि यह हमला सुप्रीम कोर्ट में हुए जूता फेंकने की घटना की ‘सज़ा’ है।
किशोर ने फिर से दोहराया कि जूता CJI गवई को नहीं लगा था और वह “गलतफहमी” थी।
पिछली विवादित घटना
- अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान किशोर ने CJI गवई की ओर जूता फेंकने की कोशिश की थी।
- मामला खजुराहो मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा के क्षतिग्रस्त होने से जुड़ा था।
- इसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने उन्हें पूरे देश में वकालत करने से सस्पेंड कर दिया था।
- किशोर ने मीडिया में कई बार कहा था कि उन्हें अपने किए पर “कोई पछतावा नहीं” और उन्होंने यह कदम “सनातन धर्म के सम्मान” के लिए उठाया था।
जांच जारी
दिल्ली पुलिस ने किशोर की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।
- अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
- पुलिस ने कोर्ट के CCTV फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
बार एसोसिएशन और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
शाहदरा बार एसोसिएशन ने कोर्ट परिसर में हुई हिंसा की निंदा की। बयान में कहा गया:
“कानूनी बिरादरी को कानून का सम्मान करना चाहिए, न कि भीड़ की तरह हिंसा करना।”
कानूनी विशेषज्ञों ने इसे बेहद खतरनाक चलन बताया।
सोशल मीडिया प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस घटना पर तीखी बहस छिड़ गई।
- कुछ लोग किशोर को “धर्म रक्षक” बताकर समर्थन कर रहे हैं।
- वहीं, कई लोग पूरी घटना को “असहिष्णुता का तमाशा” कह रहे हैं।
आगे क्या?
यह वीडियो वायरल होते ही करोड़ों लोगों तक पहुंच गया है।
किशोर, जिनके करियर में बहुत कम केस रहे हैं, अब न सिर्फ सस्पेंशन झेल रहे हैं बल्कि शारीरिक हमलों के खतरे का भी सामना कर रहे हैं।
अधिकारियों ने शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि जल्द कार्रवाई की जाएगी।

