दिल्ली रेड फोर्ट ब्लास्ट: कैबिनेट ने हमले को ‘राष्ट्रीय-विरोधी आतंकी घटना’ घोषित किया

दिल्ली रेड फोर्ट ब्लास्ट: कैबिनेट ने हमले को ‘राष्ट्रीय-विरोधी आतंकी घटना’ घोषित किया

नई दिल्ली | 12 नवंबर 2025

10 नवंबर 2025 की शाम करीब 6:50 बजे पुरानी दिल्ली स्थित लाल किला मेट्रो स्टेशन (गेट नंबर 1) के पास खड़ी एक हुंडई i20 कार में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर दिया। जांचकर्ताओं के मुताबिक, यह विस्फोट तात्कालिक विस्फोटक उपकरण (IED) के जरिये किया गया, जो वाहन में छिपाया गया था। घटना में 13 लोगों की मौत (जिसमें संभावित चालक भी शामिल) और 27 से अधिक घायल हुए। धमाके से कई वाहन जल गए और आसपास की इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे चांदनी चौक और आस-पास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच अपने हाथ में ले ली है और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि यह घटना फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े शिक्षित पेशेवरों के एक आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी है।


🔹 विस्फोट के मुख्य तथ्य

  • स्थान और समय: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास — ऐतिहासिक स्मारकों और भीड़भाड़ वाले बाजारों के बीच।
  • वाहन और संदिग्ध: कार डॉ. उमर-उन-नबी (कश्मीरी डॉक्टर) के नाम पर रजिस्टर्ड थी, जिन्हें मुख्य संदिग्ध माना जा रहा है और संभवतः वे विस्फोट में मारे गए।
    दूसरा वाहन — लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट (DL 10 CK 0458) — 12 नवंबर को हरियाणा के खंडावली गांव से बरामद हुआ।
  • विस्फोटक: फोरेंसिक जांच में अमोनियम नाइट्रेट आधारित IED की पुष्टि। 300 किलो से अधिक रासायनिक पदार्थ जब्त।
  • हानि: 13 मृत, 27 घायल — दो की हालत गंभीर (LNJP अस्पताल में ICU में भर्ती)।
  • प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 नवंबर को अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की।
  • आतंकी लिंक: यह नेटवर्क फरीदाबाद, जम्मू-कश्मीर और सहारनपुर में फैले “व्हाइट कॉलर मॉड्यूल” से जुड़ा है।

🔹 गिरफ्तारियां और जब्ती

  • गिरफ्तार आरोपी:
    • डॉ. मुजम्मिल गनई (कश्मीर)
    • डॉ. शाहीन शाहिद (लखनऊ, अल-फलाह यूनिवर्सिटी)
    • मौलवी इरफान अहमद वाघे (शोपियां)
    • जामिर अहमद (गंदरबल)
    • डॉ. अदील (सहारनपुर)
    • शाहिद के 9 सहयोगी
  • जब्त सामान: AK-56 राइफल, गोला-बारूद, विस्फोटक रसायन, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और रिमोट कंट्रोल उपकरण (अनंतनाग अस्पताल से)।
  • संभावित उद्देश्य: 6 दिसंबर (बाबरी मस्जिद विध्वंस वर्षगांठ) से पहले बड़े आतंकी हमले की साजिश। जांच में तुर्की को भारत-विरोधी गतिविधियों का नया केंद्र बताया जा रहा है, जबकि पाकिस्तान की भूमिका पर भी संदेह जताया गया है।

देशभर में दिल्ली, मुंबई और कोलकाता हवाई अड्डों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, जबकि हरियाणा, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में छापेमार कार्रवाई जारी है।


🔸 केंद्रीय मंत्रिमंडल का आपात प्रस्ताव (12 नवंबर 2025)

भूटान से लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 7, लोक कल्याण मार्ग पर आपात बैठक बुलाई गई।
बैठक के बाद कैबिनेट सुरक्षा समिति (CCS) को विस्तृत ब्रीफिंग दी गई।
मंत्रिमंडल ने इस हमले को “राष्ट्रीय-विरोधी ताकतों द्वारा किया गया जघन्य आतंकी हमला” घोषित करते हुए औपचारिक प्रस्ताव पारित किया।
यह सरकार की ओर से इस घटना को आतंकवादी हमला मानने की पहली आधिकारिक पुष्टि है।


📰 कैबिनेट प्रस्ताव का पूर्ण पाठ (PIB)

(केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा पढ़ा गया)

“प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10 नवंबर 2025 की शाम लाल किले के पास कार विस्फोट में हुई आतंकी घटना में जान गंवाने वाले नागरिकों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया।
मंत्रिमंडल ने मृतकों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा।

मंत्रिमंडल ने इस जघन्य कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय-विरोधी ताकतों द्वारा किया गया कायरतापूर्ण हमला है।

सरकार पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करती है और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करती है।

मंत्रिमंडल निर्देश देता है कि जांच तत्परता और पेशेवर दक्षता के साथ पूरी की जाए ताकि अपराधी, उनके सहयोगी और प्रायोजक शीघ्र न्याय के कटघरे में लाए जा सकें।

मंत्रिमंडल आतंकवाद के सभी रूपों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति की पुनर्पुष्टि करता है और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दोहराता है।”


🔹 प्रस्ताव के प्रमुख बिंदु

पहलू विवरण
वर्गीकरण घटना को स्पष्ट रूप से “आतंकी हमला” और “राष्ट्रीय-विरोधी ताकतों का कृत्य” घोषित किया गया।
जांच जांच NIA को सौंपी गई; अपराधियों और प्रायोजकों की पहचान और गिरफ्तारी के निर्देश।
पीड़ितों के प्रति संवेदना दो मिनट का मौन, चिकित्सा दलों की सराहना, घायलों के उपचार की समीक्षा।
नीतिगत रुख आतंकवाद पर “शून्य सहनशीलता” की नीति की पुनर्पुष्टि।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया अमेरिका सहित कई देशों से एकजुटता संदेश प्राप्त; G7 बैठक में संवेदना व्यक्त की गई।

🔸 सरकार और जन प्रतिक्रिया

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: घायलों से मुलाकात कर न्याय दिलाने का आश्वासन।
  • गृह मंत्री अमित शाह: घटनास्थल का दौरा किया और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठकें कीं।
  • जन प्रतिक्रिया: X (पूर्व ट्विटर) पर “ऑपरेशन सिंदूर 2.0” जैसी कड़ी कार्रवाई की मांग; कुछ यूज़र्स ने न्यायिक प्रक्रिया में ढील की आलोचना की।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत के प्रति एकजुटता व्यक्त की; विदेश मंत्रालय ने सभी भारतीय मिशनों को अलर्ट पर रखा है।

🔹 आगे की दिशा

NIA अब इस मामले में विस्फोटक आपूर्ति श्रृंखला, आर्थिक नेटवर्क और विदेशी फंडिंग लिंक पर फोकस कर रही है।
फोरेंसिक और पूछताछ रिपोर्ट आने के बाद दूसरे चरण की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।


 

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