इंडिगो फ्लाइट संकट 2025: FDTL नियमों, सरकार के आदेशों और आज की स्थिति ….
इंडिगो फ्लाइट संकट: सरकार के आदेश से लेकर आज की स्थिति तक — विस्तृत रिपोर्ट
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने दिसंबर 2025 में एक बड़े परिचालन संकट का सामना किया, जिसमें बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द की गईं। यह संकट मुख्य रूप से फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन्स (FDTL) नियमों के पूर्ण कार्यान्वयन से पैदा हुआ, जिसके कारण बड़ी संख्या में पायलट उपलब्ध नहीं रहे।
FDTL नियमों का उद्देश्य पायलटों और क्रू को पर्याप्त आराम देना है, लेकिन इसके फेज-2 (नवंबर 2025 से लागू) ने इंडिगो के विंटर शेड्यूल को बुरी तरह प्रभावित किया।
परिणामस्वरूप 5–6 दिसंबर को हजारों यात्री फंस गए, हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी मच गई, और हवाई किराए अचानक कई गुना बढ़ गए। सरकार ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए नियमों में छूट, किराया नियंत्रण, रिफंड आदेश और जांच का आदेश दिया।
यह रिपोर्ट संकट की पृष्ठभूमि, समयरेखा, सरकारी आदेशों और 6 दिसंबर 2025 तक की स्थिति को स्पष्ट रूप से बताती है।

IndiGo
संकट की पृष्ठभूमि
1. FDTL नियमों का कार्यान्वयन
जनवरी 2025 में DGCA ने नए FDTL नियम जारी किए, जिनमें शामिल थे:
- पायलटों के लिए साप्ताहिक 48 घंटे का अनिवार्य आराम
- रात्रि लैंडिंग को सप्ताह में अधिकतम दो तक सीमित करना
- लगातार रात्रि उड़ानों पर प्रतिबंध
फेज-1 जुलाई 2025 में लागू हुआ।
फेज-2 नवंबर 2025 में लागू हुआ, ठीक उसी समय जब इंडिगो का विंटर शेड्यूल शुरू हुआ और उड़ानें बढ़ गईं — लेकिन क्रू की उपलब्धता कम हो गई।
2. शुरुआती प्रभाव
नवंबर में छोटे–मोटे रद्दीकरण शुरू हुए।
दिसंबर 1–4 के बीच मौसम, तकनीकी खराबियों और एयरपोर्ट ट्रैफिक जाम ने हालत खराब कर दी।
3 दिसंबर को उड़ान रद्द होने पर कई यात्रियों को वीडियो कॉल से ऑनलाइन शादी में शामिल होना पड़ा — यह संकट की गंभीरता का प्रतीक था।
समयरेखा: प्रमुख घटनाएं
नीचे संकट की पूरी समयरेखा स्पष्ट रूप से प्रस्तुत है—
नवंबर 2025
- FDTL फेज-2 लागू
- इंडिगो में पायलट रोटेशन की समस्या शुरू
- ऑन-टाइम परफॉर्मेंस गिरकर सिर्फ 19.7% रह गया
- छोटे पैमाने पर रद्दीकरण शुरू हुए
1–4 दिसंबर 2025
- टेक्निकल समस्याएं + क्रू कमी + मौसम
- 550 से ज्यादा उड़ानें रद्द
- किराए में भारी उछाल (मुंबई–भुवनेश्वर टिकट ₹84,000 तक पहुंचा)
5 दिसंबर 2025 — संकट चरम पर
- 1,000+ उड़ानें रद्द
- DGCA ने FDTL नियमों में छूट दी (फरवरी 2026 तक)
- इंडिगो ने दिल्ली से सभी प्रस्थान अस्थायी रूप से रोक दिए
- दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई सबसे ज्यादा प्रभावित
- जम्मू–कश्मीर में 50+ उड़ानें रद्द
- बैगेज मिसहैंडलिंग की दर्जनों शिकायतें
6 दिसंबर 2025 (सुबह)
- 400+ उड़ानें रद्द
- दिल्ली: 106 रद्द
- मुंबई: 146 रद्द
- बेंगलुरु: 124 रद्द
- हैदराबाद: 66 रद्द
- सरकार ने किराया कैप लागू किया
- कई शहरों के एयरपोर्ट पर झड़पें और लंबी कतारें
6 दिसंबर 2025 (दोपहर)
- 800+ रद्द, लेकिन सुधार शुरू
- 1,000+ उड़ानें संचालित
- रेलवे ने 84 स्पेशल ट्रेनें शुरू कीं यात्रियों को राहत देने हेतु
- कोलकाता, अहमदाबाद, पुणे में भी बड़े पैमाने पर रद्दीकरण
- शादियों और कार्यक्रमों पर असर (गोवा जाने वाला 48 सदस्यीय परिवार फंसा)
6 दिसंबर 2025 (शाम)
- कुल रद्द उड़ानें: 500+
- संचालित उड़ानें: 1,500+
- इंडिगो नेटवर्क 95% बहाल (138 में से 135 डेस्टिनेशन चालू)
- CEO ने माफी जारी की
- सामान्य स्थिति 10–15 दिसंबर तक आने की उम्मीद
सरकारी आदेश: प्रमुख हस्तक्षेप
1. FDTL नियमों में अस्थायी छूट
DGCA ने 5 दिसंबर को फेज-2 के कई प्रावधानों को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया:
- साप्ताहिक अनिवार्य आराम
- रात्रि लैंडिंग की सीमा
- लगातार नाइट ड्यूटी पर प्रतिबंध
छूट फरवरी 2026 तक लागू रहेगी।
एक चार सदस्यीय समिति इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
2. हवाई किराया कैप
मांग बढ़ने पर किराए में भारी वृद्धि हो गई थी।
सरकार ने अधिकतम किराया सीमा तय की:
| दूरी (किमी) | अधिकतम किराया (₹) |
|---|---|
| 500 तक | 7,500 |
| 500–1,000 | 12,000 |
| 1,000–1,500 | 15,000 |
| 1,500 से अधिक | 18,000 |
यह नियम बिजनेस क्लास और UDAN पर लागू नहीं।
3. रिफंड आदेश और यात्री सहायता
सरकार ने स्पष्ट आदेश दिया:
- सभी रिफंड 7 दिसंबर रात 8 बजे तक पूरे हों
- 5–15 दिसंबर के टिकटों पर कैंसिल/रीशेड्यूलिंग शुल्क पूरी तरह माफ
- अलग हुए बैगेज को 48 घंटों में यात्री के घर भेजा जाए
- एयरलाइनों को यात्री ट्रैकिंग अपडेट अनिवार्य रूप से भेजने होंगे
4. रेलवे सहायता
यात्रियों की भीड़ को संभालने के लिए:
- 84 स्पेशल ट्रेनें
- 104 अतिरिक्त ट्रिप
- 116 अतिरिक्त कोच
संभावित सख्त कार्रवाई
सरकारी सूत्रों के अनुसार:
- इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स को हटाने पर विचार
- एयरलाइन पर भारी जुर्माने की तैयारी
- DGCA द्वारा ऑपरेशनल ऑडिट
यह संकेत देता है कि सरकार इस संकट को बेहद गंभीर मान रही है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
विपक्ष
- राहुल गांधी ने इसे “मोनोपॉली मॉडल की विफलता” कहा
- पी. चिदंबरम ने कहा कि “डुओपॉली होने से उपभोक्ताओं को नुकसान हो रहा है”
- अरविंद केजरीवाल और सुप्रिया सुले ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा
सामाजिक प्रभाव
- पर्यटन उद्योग पर भारी असर (गोवा में इंडिगो का 60% मार्केट शेयर)
- सेलिब्रिटी सोनू सूद ने स्टाफ का समर्थन किया
- एक सर्वे में 87% लोगों ने “क्लास ऐक्शन” की मांग की
- CBI जांच की मांग भी उठी
सत्ताधारी दल
- मनोज तिवारी ने कहा—स्थिति 2–3 दिन में सामान्य हो जाएगी
आज की स्थिति (6 दिसंबर 2025, शाम तक)
सुधार के संकेत
- 1,500+ उड़ानें संचालित
- रद्द उड़ानें 850 से कम
- नेटवर्क 95% बहाल
- CEO ने वीडियो संदेश में माफी जारी की
- सामान्य स्थिति 10–15 दिसंबर के बीच अपेक्षित
बाकी चुनौतियां
- अभी भी 500+ उड़ानें रद्द
- बैगेज देरी जारी (कुछ मामलों में 48 घंटे+)
- एयरपोर्ट पर भारी भीड़
- कुछ यात्रियों में नाराज़गी बनी हुई
सरकारी निगरानी
- किराया कैप लागू
- रिफंड प्राथमिकता
- DGCA जांच जारी
यात्री सलाह
- उड़ान स्टेटस इंडिगो ऐप/वेबसाइट पर चेक करें
- यदि फ्लाइट रद्द हो, तुरंत रिफंड/रीबुकिंग विकल्प चुनें
- वैकल्पिक ट्रेन/एयरलाइन पर विचार करेंबैगेज मिस होने पर 24 घंटे में शिकायत दर्ज करें
निष्कर्ष
यह पूरा संकट भारतीय एविएशन सेक्टर की कमजोरियों, जैसे—
- क्रू प्लानिंग
- ऑपरेशनल समन्वय
- मार्केट में प्रतिस्पर्धा की कमी को उजागर करता है।
सरकार के हस्तक्षेप से हालात सुधर रहे हैं, लेकिन FDTL जैसे सुरक्षा नियमों का पालन दीर्घकाल में अनिवार्य है।
यात्रियों को सलाह है कि अगले कुछ दिनों तक यात्रा योजनाएँ सावधानी से बनाएं।

