भारत का ए-आई संचालित कॉम्बैट-ड्रोन Kaala Bhairav E2A2 — विस्तृत रिपोर्ट

भारत का ए-आई संचालित कॉम्बैट-ड्रोन Kaala Bhairav E2A2 — विस्तृत रिपोर्ट

kaal bhairav drone

नई दिल्ली, 11 नवंबर 2025 — बेंगलुरु की कंपनी Flying Wedge Defence & Aerospace (FWDA) द्वारा विकसित भारत का ए-आई संचालित MALE (Medium Altitude Long Endurance) स्वायत्त कॉम्बैट-ड्रोन Kaala Bhairav E2A2 अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफल हो चुका है। इस प्लेटफ़ॉर्म ने क्रोएशिया में आयोजित ARCA 2025 में रजत पदक जीता और व्यापक मीडिया कवरेज में तकनीकी दावे तथा संभावित एक्सपोर्ट-डील को लेकर चर्चा में रहा। 


1) प्रमुख सार्वजनिक दावे — संक्षेप में

  • कंपनी का दावा है कि Kaala Bhairav लगभग 30 घंटे तक उड़ान भर सकता है और ~3,000 किमी रेंज (SATCOM-समर्थन के साथ) तक ऑपरेट कर सकता है। 
  • इसका विंगस्पैन लगभग 6.5 मीटर है और पेलोड क्षमता लगभग 90–91 किलोग्राम बताई जा रही है (EO/IR सेंसर, कम्युनिकेशन पैकेट और छोटे निर्देशित हथियार के लिए)। 
  • कंपनी ने कहा है कि यह प्लेटफ़ॉर्म स्वार्म-स्ट्राइक (एक साथ कई UAVs द्वारा समन्वित हमले), ए-आई-आधारित टार्गेटिंग और किफायती लागत-प्रोफ़ाइल के साथ परिचालन देता है — जिसे Predator-श्रेणी के महंगे सिस्टम के “काफ़ी कम” लागत में उपलब्ध कराया जा सकता है। साथ ही FWDA ने प्रारंभिक निर्यात ऑर्डर की भी घोषणा की (रिपोर्ट्स में $25–30 मिलियन का जिक्र)। 

 


2) विस्तृत तकनीकी स्पेसिफिकेशन (पब्लिक-रिपोर्ट्स के आधार पर)

नीचे दिए गए आँकड़े सार्वजनिक रिपोर्ट्स/प्रेस-रिलीज़ पर दिए दावों का संकलन हैं — कुछ जगहों पर सूचनाओं में सूक्ष्म अंतर दिखाई देता है, इसलिए स्रोत देखें। 

  • कन्फ़िगरेशन: Twin-boom डिजाइन (प्रकाशित रिपोर्ट)।
  • विंगस्पैन: ~6.5 मीटर
  • एन्ड्योरेंस (उड़ान अवधि): ISR मोड में ~30 घंटे; स्ट्राइक मिशन में कुछ रिपोर्ट में ~11 घंटे का अलग आंकड़ा भी दिया गया है (altitude & payload के आधार पर बदलता है)। 
  • रेंज: ~3,000 किमी (SATCOM सपोर्ट के साथ)। लाइन-ऑफ-साइट (LOS) कम्युनिकेशन लगभग 150 किमी बताया गया है। 
  • सीलिंग (सर्विस-छत): लगभग 20,000 फीट (≈ 6,000 मीटर)। 
  • पेलोड कैपेसिटी: ~90–91 किग्रा (EO/IR कैमरा, लेजर-डिज़ाइन्ड व ऐप्लिकेबल छोटे आयुध)।
  • स्पीड/क्रूज़: विभिन्न रिपोर्टों में अलग-अलग संख्याएँ; सामान्य रूप में MALE-क्लास की क्रूज़-स्पीड के समकक्ष बताया गया है। 
  • टेकऑफ़/लैंडिंग: Short prepared runway की आवश्यकता (STOL-like capability का संकेत)।
  • ऑनबोर्ड ए-आई क्षमताएँ: वास्तविक-समय डेटा-प्रोसेसिंग, ऑटो-टार्गेटिंग सहायता, मिशन-री-रूटिंग, और स्वार्म-कंट्रोल/कोऑर्डिनेशन के लिए एल्गोरिदमिक स्टैक का दावा। 

स्रोत-नोट: ऊपर के स्पेसिफ़िकेशन FWDA और विभिन्न समाचार/विश्लेषण साइटों पर प्रकाशित आंकड़ों का संयोजन हैं; कुछ विवरणों में सूक्ष्म भिन्नता (उदा. स्ट्राइक मिस़न-एन्ड्योरेंस) इसलिए स्रोतों का संदर्भ देखना ज़रूरी है। 


3) स्टील्थ (Low-observable) क्षमता — सार्वजनिक जानकारी, तथ्यों और अनुमानों का विभाजन

पब्लिक-कथन (दावे): उपलब्ध प्रेस कवरेज और कंपनी के सार्वजनिक बयानों में Kaala Bhairav के बारे में स्पष्ट रूप से ‘स्टील्थ-डिज़ाइन’ या राडार-शोषक सामग्री के उपयोग का कोई विस्तृत/पुख्ता वर्णन नहीं मिलता। FWDA के प्रमुख कथन मुख्यतः ए-आई, एन्ड्योरेंस, रेंज और किफायतीता पर केन्द्रित रहे हैं। इसलिए स्टील्थ-दावे को लेकर अभी कोई सार्वजनिक पुष्टि नहीं है।

यदि स्टील्थ लागू किया गया हो तो आम तकनीकें (सामान्य संदर्भ):

  • एयरफ्रेम-शेपिंग (edge alignment, faceting) और internal bays में हथियार ताकि बाहरी हार्ड-पॉइंट से RCS न बढ़े।
  • राडार-अवशोषक सामग्री (RAM) और विशेष-कोटिंग्स।
  • इंजन एग्ज्हॉस्ट/थर्मल-शेल्टरिंग से IR-सिग्नेचर कम करना।
  • डायरेक्टेड/लॉ-पावर कम्युनिकेशन मोड, बिस्टैटिक/स्टेग्ड-SATCOM उपयोग, तथा ऑपरेटिंग-प्रोफाइल-अनुकूलन।
    इन तकनीकों का Kaala Bhairav पर उपयोग हुआ है — यह सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट नहीं है; इसलिए किसी स्टील्थ-कक्षा का सत्यापन तभी करें जब निर्माता/अधिकृत स्रोत पुष्टि करें। 

4) रणनीतिक और परिचालन प्रभाव

  • किफायती MALE विकल्प: FWDA का दावा है कि Kaala Bhairav Predator-क्लास प्लेटफ़ॉर्म से बहुत कम लागत पर समान भूमिकाएँ निभा सकता है — यह मास-तैनाती/स्वार्म-काउंटर के दृष्टिकोण से गेम-चेंजर हो सकता है।
  • ए-आई/ऑटोनॉमी का लाभ और जोखिम: ऑनबोर्ड ए-आई से मिशन-चयन और लक्ष्य प्राथमिकता तेज तथा प्रभावी हो सकती है, पर साथ ही निर्णय-पारदर्शिता और कानूनों के अनुरूपता (LOAC) से जुड़े नैतिक-कानूनी प्रश्न उभरेंगे।
  • आत्मनिर्भरता व रक्षा-आयात पर असर: स्वदेशी निर्माण, लोकल सप्लाई-चेन और संभावित निर्यात डील (रिपोर्टेड $25–30M) से भारत की रक्षा-उद्योग स्थिति मज़बूत हो सकती है; पर वास्तविक परिचालन-परीक्षण और सेना-अनुमोदन महत्वपूर्ण हैं।

5) निर्यात, विनियोग और रजिस्ट्रेशन — क्या रिपोर्टेड है

कई रिपोर्ट्स में FWDA ने $25–30 मिलियन के प्रारंभिक/मौखिक-एक्सपोर्ट ऑर्डर का जिक्र किया है (South Asian country के साथ)। यह संकेत देता है कि कंपनी ने व्यावसायिक रुचि पैदा कर ली है, पर सरकारी निर्यात लाइसेंस, end-use monitoring और तकनीकी-नियमों के अनुरूपता अहम् प्रक्रिया है। सार्वजनिक स्रोतों में इस ऑर्डर के विवरण (कौन-सा देश, शिपमेंट-टाइमलाइन) सीमित हैं। 


6) स्रोत और पुष्टिकरण का महत्व (और क्या बाकी जानने योग्य है)

  • हमने इस रिपोर्ट में उपलब्ध प्रमुख सार्वजनिक रिपोर्ट्स और प्रेस-कथनों का इस्तेमाल किया है — Economic Times, New Indian Express, Deccan Herald, DefenseMirror, MavDrones और ARCA-समाचार कवरेज। ये स्रोत आपको कंपनी के दावों और पुरस्कार/कवरेज की पुष्टि दिखाते हैं।
  • अभी जिन बिंदुओं पर सार्वजनिक पुष्टि कम है: वास्तविक-विश्व टैक्टिकल परफॉर्मेंस (combat-proven रिकॉर्ड), स्टील्थ-मटीरियल/आर्किटेक्चर के विशिष्ट डिजाइन-तथ्य, सरकारी-लेवल स्पेसिफ़िकेशन या सेना-परिक्षण की विस्तृत रिपोर्ट। इन तथ्यों के लिए सरकारी पुष्टि या तकनीकी पेपर/केस-स्टडी का इंतज़ार जरूरी होगा। 

 

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