जहर खाते हुए B.Sc छात्रा ने बनाया वीडियो, आखिरी मैसेज में लिखा— “तुम चाहते थे न मैं मर जाऊं”
महोबा में बी.एससी. छात्रा ने जहर खाकर की आत्महत्या, मौत से पहले बनाया वीडियो; आखिरी संदेश में लिखा— “तुम चाहते थे न मैं मर जाऊं”

महोबा (उत्तर प्रदेश), 1 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक अत्यंत दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। बी.एससी. अंतिम वर्ष की 21 वर्षीय छात्रा ने कथित रूप से लंबे समय से चल रही मानसिक प्रताड़ना और उत्पीड़न से तंग आकर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले छात्रा ने खुद का वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसे उसने आरोपी युवक को भेजा। वीडियो के साथ भेजे गए अंतिम संदेश में उसने लिखा—
“तुम चाहते थे न मैं मर जाऊं… अब तुम्हारे मन का हो जाएगा।”
घटना का क्रम
पुलिस और परिजनों के अनुसार, छात्रा खरेला थाना क्षेत्र के चंदौली गांव की रहने वाली थी और स्थानीय कॉलेज में बी.एससी. की पढ़ाई कर रही थी। 31 दिसंबर 2025 की दोपहर उसने अपने मोबाइल फोन से एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें वह जहरीला पदार्थ निगलती दिखाई देती है। इसके तुरंत बाद उसने यह वीडियो और संदेश आरोपी युवक को व्हाट्सएप पर भेजा।
लंबे समय से उत्पीड़न का आरोप
परिजनों का आरोप है कि छात्रा को पिछले कई वर्षों से एक युवक द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा था। आरोपों में बार-बार फोन करना, मानसिक दबाव बनाना और निजी जीवन में दखल देना शामिल है। परिवार का कहना है कि छात्रा इस प्रताड़ना के कारण गंभीर मानसिक तनाव में थी और कई बार इस बारे में घरवालों को भी बताया था।
अस्पताल ले जाने के दौरान मौत
वीडियो भेजने के बाद छात्रा की हालत बिगड़ने लगी। परिजन उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। हालांकि, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस की कार्रवाई
छात्रा के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और उत्पीड़न से जुड़े प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
- पुलिस वायरल वीडियो, मोबाइल चैट्स, कॉल रिकॉर्ड्स और परिजनों के बयान की जांच कर रही है।
- आरोपी युवक की तलाश और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
- अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परिवार और इलाके में आक्रोश
घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में यह सवाल उठ रहा है कि यदि शुरुआती शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते, तो शायद यह त्रासदी टाली जा सकती थी।
समाज के लिए गंभीर चेतावनी
यह मामला केवल एक व्यक्तिगत घटना नहीं है, बल्कि युवतियों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और उत्पीड़न जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों की ओर ध्यान खींचता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर शिकायत, प्रशासनिक संवेदनशीलता और सामाजिक समर्थन बेहद जरूरी है, ताकि पीड़ित अकेलापन महसूस न करे और हालात इस हद तक न पहुंचें।
नोट (सार्वजनिक हित में):
यदि कोई व्यक्ति मानसिक दबाव, उत्पीड़न या आत्मघाती विचारों से जूझ रहा हो, तो परिवार, भरोसेमंद लोगों या स्थानीय सहायता सेवाओं से तुरंत संपर्क करना चाहिए। समय पर मदद जीवन बचा सकती है।

