
बिहार के नवादा में कपड़ा विक्रेता मोहम्मद अतहर हुसैन की पीट-पीटकर हत्या
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बिहार के नवादा में मॉब लिंचिंग: कपड़ा विक्रेता मोहम्मद अतहर हुसैन की पीट-पीटकर हत्या
नवादा, 14 दिसंबर 2025:
बिहार के नवादा जिले में भीड़ हिंसा की एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां कपड़े की फेरी लगाने वाले एक व्यक्ति मोहम्मद अतहर हुसैन की कथित तौर पर धर्म पूछने के बाद बेरहमी से पिटाई की गई। गंभीर रूप से घायल अतहर की इलाज के दौरान 12 दिसंबर 2025 की रात मौत हो गई। इस घटना ने राज्य में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला
मृतक की पहचान नालंदा जिले के गगनडीह गांव निवासी मोहम्मद अतहर हुसैन (उम्र लगभग 40 वर्ष) के रूप में हुई है। वह पिछले करीब 20 वर्षों से नवादा और आसपास के इलाकों में साइकिल पर कपड़े बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे।
घटना 5 दिसंबर 2025 की शाम की है। अतहर नवादा जिले के डुमरी गांव से कपड़े बेचकर लौट रहे थे, तभी रोह थाना क्षेत्र के भट्टा (भट्टापर) गांव के पास उनकी साइकिल पंचर हो गई। पंचर ठीक कराने के लिए रास्ते में पूछताछ के दौरान कुछ युवकों ने उन्हें घेर लिया।
नाम और धर्म पूछने के बाद हिंसा का आरोप
परिवार और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपियों ने पहले अतहर से नाम और पहचान पूछी। जैसे ही उन्होंने अपना नाम मोहम्मद अतहर हुसैन बताया, हालात बदल गए और उन पर हमला शुरू कर दिया गया। आरोप है कि हमलावरों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती गई और उन्हें बुरी तरह पीटा गया।
Nawada, Bihar | A Grim Reminder of the Reality Faced by Indian Muslims #IndianMuslimUnderAttack
Mohammad Athar Hussain (40), a resident of Nalanda, succumbed to his injuries late Friday night, six days after being brutally lynched in Nawada on 5 December allegedly for his… pic.twitter.com/GAjY5BjDXM— Team Rising Falcon (@TheRFTeam) December 13, 2025
परिजनों का कहना है कि यह हमला धार्मिक आधार पर किया गया, जबकि हमलावरों ने बाद में चोरी का शक बताकर मामले को दबाने की कोशिश की।
गंभीर प्रताड़ना के आरोप
अस्पताल में दिए गए बयान और परिजनों के आरोपों के मुताबिक, अतहर के साथ अत्यंत अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्हें जबरन साइकिल से उतारा गया, पैसे छीने गए और एक कमरे में ले जाकर पीटा गया। आरोप है कि मारपीट के दौरान उनके हाथ-पैर तोड़े गए और उन्हें गंभीर शारीरिक चोटें पहुंचाई गईं।
घटना के बाद अतहर की हालत बेहद नाजुक हो गई।
अस्पताल में इलाज और मौत
रात करीब ढाई बजे सूचना मिलने पर रोह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अतहर को अस्पताल पहुंचाया। पहले उन्हें रोह पीएचसी ले जाया गया, फिर नवादा सदर अस्पताल और बाद में बिहारशरीफ स्थित वीआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई दिनों तक चले इलाज के बावजूद 12 दिसंबर की रात उनकी मौत हो गई।
पुलिस कार्रवाई
मृतक की पत्नी शबनम परवीन ने 6 दिसंबर को रोह थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में भट्टा गांव के कई लोगों को नामजद किया गया और कुछ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया। शुरुआत में गंभीर मारपीट और दंगा जैसी धाराएं लगाई गई थीं, लेकिन मौत के बाद हत्या की धारा जोड़ी गई।
पुलिस के अनुसार, अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। मामले की जांच के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवार और समाज की प्रतिक्रिया
अतहर के परिजनों ने इस घटना को धार्मिक नफरत से प्रेरित हत्या बताया है और न्याय की मांग की है। परिवार का कहना है कि अतहर मेहनत-मजदूरी कर अपने बच्चों का भविष्य संवार रहे थे और उनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं थी।
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर आक्रोश है और सोशल मीडिया पर भी इसे मॉब लिंचिंग की खतरनाक प्रवृत्ति का उदाहरण बताया जा रहा है। सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।
निष्कर्ष
नवादा की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि भीड़ हिंसा और अफवाहों के आधार पर की गई कार्रवाई किस तरह किसी निर्दोष की जान ले सकती है। यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था, सामाजिक सद्भाव और मानवता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

