
NIA ने अल-कायदा गुजरात टेरर साज़िश मामले में पाँच राज्यों में मारे छापे
न्यूज़ डेस्क रिपोर्ट
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को अल-कायदा से जुड़े गुजरात आतंकी साज़िश मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए देश के पाँच राज्यों—पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मेघालय, हरियाणा और गुजरात—में 10 स्थानों पर व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई 2023 में दर्ज अल-कायदा गुजरात टेरर कंस्पिरेसी केस की निरंतर जांच का हिस्सा है।
🔍 छापेमारी में क्या-क्या मिला?
NIA टीमों ने संदिग्ध ठिकानों से डिजिटल उपकरण, मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव, दस्तावेज़ और बैंकिंग से जुड़े कई अहम कागजात जब्त किए हैं। इन सभी को अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि साजिश के नेटवर्क और फंडिंग चैनल की पुष्टि हो सके।
🧾 केस की पृष्ठभूमि
यह मामला गुजरात ATS द्वारा मई 2023 में उजागर की गई एक आतंकी साज़िश से शुरू हुआ था। बाद में इसे NIA ने अपने हाथ में लिया और “Al-Qaida Gujarat Terror Conspiracy” के नाम से केस दर्ज किया। जांच में पता चला कि यह नेटवर्क देश में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और आतंकी गतिविधियों के लिए आधार तैयार करने में लगा था।
👤 आरोपी कौन हैं?
इस मामले में चार बांग्लादेशी नागरिक मुख्य आरोपी के रूप में चिह्नित किए गए हैं। आरोप है कि ये सभी लोग नकली भारतीय पहचान पत्रों के जरिए भारत में प्रवेश कर चुके थे और यहाँ छिपकर काम कर रहे थे। इनके नाम इस प्रकार हैं:
- मोहम्मद सोजीब मियां
- मुन्ना खालिद अंसारी (उर्फ मुन्ना खान)
- अज़रुल इस्लाम (उर्फ जहांगीर/उर्फ आकाश खान)
- अब्दुल लतीफ (उर्फ मोमेनुल अंसारी)
जांच एजेंसियों का कहना है कि यह समूह अल-कायदा से प्रेरित था और भारत में फंडिंग, रैडिकलाइजेशन और भर्ती जैसे कार्यों में लगा हुआ था।
🌐 बहु-राज्य नेटवर्क
NIA ने देशभर में फैले नेटवर्क को निशाना बनाते हुए जिन राज्यों पर कार्रवाई की, वह दर्शाता है कि यह साज़िश एक ही राज्य तक सीमित नहीं थी। संदिग्धों के कई सहयोगी पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रिय थे, जबकि फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने और ठहरने की व्यवस्था हरियाणा और गुजरात में होने के संकेत मिले हैं।
📌 क्यों महत्वपूर्ण है यह कार्रवाई?
- देश में अवैध प्रवास और फर्जी पहचान पत्रों के माध्यम से आतंकी नेटवर्क के विस्तार पर गंभीर सवाल।
- बहु-राज्य ऑपरेशन से यह संकेत कि संगठित अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल भारत में सक्रिय था।
- डिजिटल सबूतों की बरामदगी से नेटवर्क के कई और कड़ियों का खुलासा होने की संभावना।
NIA आगामी दिनों में बरामद सबूतों का विश्लेषण कर इस साज़िश के पूरे नेटवर्क का विस्तार और फंडिंग स्रोतों की तह तक जाने की कोशिश करेगी।

