सुलभता अभियान 2026: बिहार सरकार की ‘Ease of Living’ सुधार योजना शुरू

सुलभता अभियान 2026: बिहार सरकार की ‘Ease of Living’ सुधार योजना शुरू

सुलभता अभियान (Sulabhata Abhiyan) 2026: बिहार में ‘Ease of Living’ को ज़मीनी हकीकत बनाने की बड़ी पहल

पटना | विशेष रिपोर्ट

बिहार सरकार ने नागरिकों के दैनिक जीवन को सरल, सुगम और सम्मानजनक बनाने के उद्देश्य से सुलभता अभियान 2026 की शुरुआत की है। यह अभियान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य की महत्वाकांक्षी विकास रूपरेखा ‘सात निश्चय–3’ के अंतर्गत ‘निश्चय–7: सबका सम्मान – जीवन आसान (Ease of Living)’ का प्रमुख स्तंभ है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है—शासन और जनता के बीच की दूरी कम करना तथा सरकारी सेवाओं को पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाना।

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क्या है सुलभता अभियान?

सुलभता अभियान एक नागरिक-उन्मुख सुधार पहल है, जिसके तहत आम लोग अपनी रोज़मर्रा की समस्याओं, अनुभवों और व्यावहारिक सुझावों को सीधे सरकार तक पहुँचा सकते हैं। इन सुझावों के आधार पर प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार, सेवाओं का सरलीकरण और ज़मीनी स्तर पर बदलाव लागू किए जाएंगे। सरकार के अनुसार, यह पहल शिकायत-निवारण से आगे बढ़कर नीति-निर्माण में नागरिक भागीदारी को मजबूत करती है।

अभियान के प्रमुख उद्देश्य

  • सरकारी सेवाओं का सरलीकरण: जाति, आय, निवास जैसे प्रमाण-पत्रों की प्रक्रिया आसान करना, समयबद्ध डिलीवरी और अनावश्यक औपचारिकताओं में कटौती।
  • विशेष वर्गों के लिए सुविधाएँ: वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए लक्षित प्रावधान—जैसे प्रमाण-पत्रों की होम डिलीवरी, घर पर नर्सिंग सहायता, अस्पतालों में सुलभ चिकित्सा और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग।
  • नागरिक सहभागिता: नागरिकों को सीधे सुझाव देने का मंच, ताकि प्रशासनिक सुधार जन-अनुभव पर आधारित हों।
  • पारदर्शिता और जवाबदेही: सेवाओं की पहुंच बढ़ाकर देरी और भ्रष्टाचार में कमी लाना।

किन मुद्दों पर दे सकते हैं सुझाव?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नागरिक किसी भी ऐसी समस्या या सुझाव पर अपनी बात रख सकते हैं, जो जीवन को आसान बनाए—जैसे अस्पतालों की सुविधा, सरकारी दफ्तरों की प्रक्रियाएँ, पैदल यात्री सुरक्षा, बुजुर्गों की देखभाल, या गांव-मोहल्लों से जुड़ी सामूहिक समस्याएँ (पानी, सड़क, रोशनी, सफाई आदि)।

सुझाव कैसे भेजें?

यह प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क और सरल है।

  • ऑनलाइन: QR कोड/वेब फॉर्म के माध्यम से।
  • ऑफलाइन: लिखित सुझाव डाक द्वारा अपर सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय, 4 देशरत्न मार्ग, पटना – 800001 के पते पर भेजे जा सकते हैं।
    सरकार ने बताया है कि सुझावों की अंतिम तिथि 4 जनवरी 2026 है।

सुझावों पर क्या होगी कार्रवाई?

प्राप्त सुझावों की समीक्षा मुख्यमंत्री सचिवालय स्तर पर की जाएगी। इसके बाद विषय-वार वर्गीकरण, प्राथमिकता निर्धारण और चरणबद्ध क्रियान्वयन के माध्यम से व्यावहारिक सुधार लागू किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि यह प्रक्रिया केवल आश्वासन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नागरिकों के जीवन में मापनीय और वास्तविक बदलाव लाने पर केंद्रित होगी।

क्यों है यह अभियान महत्वपूर्ण?

सुलभता अभियान का दायरा केवल सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं है; यह रोज़मर्रा की बाधाओं को दूर करने की कोशिश है। विशेषज्ञों के अनुसार, नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से यह पहल एक जन-आंदोलन का रूप ले सकती है, जो बिहार को अधिक सुशासित, समावेशी और विकसित राज्य बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

सरकार का कहना है कि यह अभियान उसकी उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत हर नागरिक का जीवन आसान और सम्मानजनक बनाना प्राथमिक लक्ष्य है। बिहार के नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने सुझाव साझा करें और इस परिवर्तनकारी पहल का सक्रिय हिस्सा बनें।

Sulabhata Abhiyan 2026 Bihar Government Ease of Living Initiative

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