
सीबीआई ने तिरुपति मंदिर में 100 करोड़ रुपये के मिलावटी घी घोटाले का पर्दाफाश किया…
हैदराबाद/नई दिल्ली, 10 नवंबर 2025
देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर, तिरुपति में पिछले पाँच वर्षों से चल रहे मिलावटी घी आपूर्ति घोटाले का खुलासा किया है। यह घोटाला मंदिर के प्रसिद्ध ‘तिरुपति लड्डू’ और अन्य भोग प्रसाद की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा था, जिससे लाखों भक्तों की आस्था को गहरा झटका लगा है।
सोमवार को सीबीआई ने आंध्र प्रदेश के कई जिलों में 10 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान एजेंसी ने कंप्यूटर हार्ड डिस्क, फर्जी रिपोर्ट, सैंपल और ₹5 करोड़ से अधिक नकदी बरामद की।
🔍 घोटाले का खुलासा कैसे हुआ
सीबीआई की प्रारंभिक जांच के अनुसार, 2020 से 2025 के बीच मंदिर न्यास (टीटीडी) को सप्लाई किए जाने वाले घी में सस्ते वनस्पति और रिफाइंड तेलों की मिलावट की जा रही थी।
इन घी के बैचों का उपयोग मुख्यतः ‘तिरुपति लड्डू’ और अन्य प्रसाद तैयार करने में होता था।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,
“जांच के दौरान हमने पाया कि घी के नमूनों में लगभग 40% तक वनस्पति तेल मिलाया गया था। आपूर्तिकर्ताओं ने फर्जी लैब रिपोर्ट्स और बिल प्रस्तुत कर पूरे नेटवर्क को वैध दिखाने की कोशिश की थी।”
एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि इस मिलावट का कुल मूल्य ₹100 करोड़ से अधिक हो सकता है।
👥 मुख्य आरोपी और गिरफ्तारी
इस घोटाले में प्रमुख आरोपी एक स्थानीय डेयरी कंपनी का मालिक, उसका पार्टनर और टीटीडी के दो पूर्व अधिकारी हैं।
- चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
- दो और संदिग्धों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क चेन्नई और बेंगलुरु तक फैला था, जहाँ से मिलावटी सामग्री मंगाई जाती थी।
💬 सोशल मीडिया पर रोष
घोटाले की खबर सामने आते ही #TirupatiGheeScam और #SaveTirupatiLaddus जैसे हैशटैग सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे।
पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने ट्वीट किया,
“यह केवल आस्था पर नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत पर भी प्रहार है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
विपक्षी दलों ने राज्य सरकार और टीटीडी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि टीटीडी चेयरमैन ने कहा,
“सभी अनुबंध रद्द कर दिए गए हैं और अब केवल सरकारी प्रमाणित लैब से जांचे गए घी का ही उपयोग होगा।”
🕉️ टीटीडी और सरकार की प्रतिक्रिया
- तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने तत्काल सभी आपूर्तिकर्ताओं के अनुबंध रद्द कर दिए हैं।
- भविष्य में केवल सरकारी प्रमाणित घी आपूर्तिकर्ता को ही अनुमति दी जाएगी।
- आंध्र प्रदेश सरकार ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है।
- मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि वे “घोटाले से आहत न हों” और भरोसा दिलाया कि भविष्य में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
⚖️ देशभर में असर
यह मामला केवल तिरुपति तक सीमित नहीं रहा — इसने देशभर के धार्मिक स्थलों पर खाद्य आपूर्ति की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
धार्मिक अर्थशास्त्रियों का मानना है कि तिरुपति लड्डू, जिसकी वार्षिक बिक्री 1 करोड़ यूनिट से अधिक होती है, उसकी प्रतिष्ठा पर यह सबसे बड़ा झटका है।
सीबीआई ने कहा कि जांच जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
भक्त संगठनों ने भी सार्वजनिक हित याचिका (PIL) दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है।
✍️ निष्कर्ष
यह घोटाला सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि आस्था से जुड़ा अपराध है।
सीबीआई की कार्रवाई न केवल तिरुपति मंदिर बल्कि देशभर के धार्मिक संस्थानों में भ्रष्टाचार और खाद्य मिलावट के खिलाफ एक सशक्त संदेश है।

